यह खुलासा तहसील प्रशासन की टीम की ओर से गुरुवार को निरीक्षण के दौरान हुआ। जिलाधिकारी के आदेश पर भगवानपुर तहसील प्रशासन की टीम ग्राम मोहितपुर के राजकीय विद्यालय, राशन डीलर और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण करने पहुंची। जांच में पता चला कि राजकीय हाई स्कूल में नियुक्त शिक्षकों की संख्या तो सात है, मगर स्कूल में छात्रों की संख्या कुल 50 है, जिसे देखकर तहसील प्रशासन की टीम भी हैरान रह गई। इतना ही नहीं स्कूल के प्रांगण में बड़े पैमाने पर गंदगी थी और साफ सफाई के अभाव में चारों ओर घास खड़ी थी। गांव के दूसरे स्कूल के अंदर दो आंगनबाड़ी केंद्र है, जिनके नंबर 3, और 4 है, जो कि बंद थे,जिनमेँ मात्र तीन बच्चे ही पंजीकृत मिले। इसके अलावा ग्राम मोहित पुर में ही तीन अन्य आंगनबाड़ी केंद्र हैं। आंगनवाड़ी संख्या 2 में सहायिका प्रीति उपस्थित मिली। शेष सेंटरों की आंगनबाड़ी कार्यकत्री अनुपस्थित पाई गई।
राशन डीलर मरगूब अली मौके पर अनुपस्थित पाया गया और राशन की दुकान भी सुबह 9:50 पर बंद पाई गई जिससे सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का सत्यापन नहीं हो सका। ग्राम के पांच में से चार आंगनबाड़ी केंद्रों का भी सत्यापन बंद होने के कारण नहीं हो पाया।
नायब तहसीलदार अनिल गुप्ता ने बताया कि मोहितपुर गांव में निरिक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर खामियां मिली हैं।
