ने अंग दान और प्रत्यारोपण पर एक बड़ा फैसला दिया है। उच्चतम न्यायालय
ने केंद्र सरकार को कई दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि पूरे देश में एक जैसी नीति और एक जैसे नियम बनाए जाएं ताकि अंग दान की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और तेज हो सके। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये आदेश इंडियन सोसायटी ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वो इस मामले में एक राष्ट्रीय नीति तैयार करे, जिसमें अंग दान के लिए एक समान नियम हो जिसमें लिंग और जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने के उपाय और पूरे देश के लिए एक समान डोनर मानदंड शामिल हो। कोर्ट ने कहा कि अलग-अलग राज्यों के अलग मानदंड मरीजों और दाताओं, दोनों के लिए असमानता पैदा करते हैं।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वो आंध्र प्रदेश को 2011 के मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम में हुए संशोधनों को अपनाने के लिए राजी करे। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वो कर्नाटक, तमिलनाडु और मणिपुर जैसे राज्यों को तुरंत मानव अंगों और ऊतकों के प्रत्यारोपण के नियम, 2014 लागू करने को कहा जाए, क्योंकि अभी वे अपने अलग-अलग नियमों पर चल रहे हैं।
