ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी गीतांजलि की संशोधित याचिका पर सोमवार को सुनवाई टाल दी है। जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई टाल दिया।
कोर्ट ने गीतांजलि की याचिका पर 29 अक्टूबर को केंद्र सरकार, लद्दाख प्रशासन और जोधपुर जेल प्रशासन को नोटिस जारी किया था। गीतांजलि ने उच्चतम न्यायालय
में दाखिल हलफनामा में कहा है कि राजस्थान पुलिस और आईबी ने उनका पीछा किया। गीतांजलि ने कहा है कि उन पर दिल्ली में भी नजर रखी गई। गीतांजलि ने कहा है कि जब वो अपने पति से मिलने के लिए। 7 और 11 अक्टूबर को जोधपुर पहुंचीं, तो एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें पुलिस के वाहन पर बैठा लिया गया। गीतांजलि ने कहा है कि उसे हर बार अपनी यात्रा से पहले अपनी यात्रा का पूरा विवरण अधिकारियों से साझा करने को कहा गया। यहां तक कि जब वे अपने पति से मुलाकात कर रही थी उस समय भी मंगलेश नामक डीसीपी और एक महिला कांस्टेबल उनकी बातें सुन रहे थे और उन्हें नोट भी कर रहे थे। हलफनामे में कहा गया है कि जोधपुर में गीतांजलि को किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसा करना संविधान में प्रदत्त अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
दरअसल, 15 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने कहा था कि सोनम वांगचुक को उनकी गिरफ्तारी की वजह बता दी गई है। जिसके बाद गीतांजलि की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा था कि वे गिरफ्तारी की वजह बताने वाले बिंदुओं को चुनौती देने के लिए याचिका में संशोधन करने की जरूरत है। सिब्बल ने कहा था कि सोनम वांगचुक ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए कुछ नोट्स तैयार किए हैं। लेकिन वो नोट्स सोनम वांगचुक की पत्नी को शेयर नहीं करने दिया जा रहा है। उसके बाद कोर्ट ने सोनम वांगचुक की ओर से तैयार नोट्स उनके वकील के जरिये सोनम की पत्नी को शेयर करने का आदेश दिया था।
बता दें कि, 6 अक्टूबर को कपिल सिब्बल ने कहा था कि हिरासत गलत है, हम इसका विरोध करते हैं। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि सोनम वांगचुक को गिरफ्तारी की वजह की प्रति उपलब्ध करा दी गई है।
याचिका में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल सोनम वांगचुक राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद हैं। गीतांजलि ने अपने पति को रिहा करने की मांग की है। गीतांजलि ने याचिका में कहा है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के एक हफ्ते के बाद भी उनके स्वास्थ्य के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है।
बता दें कि सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। लद्दाख में हुई हिंसा के बाद हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई थी।
