प्रयागराज, 12 सितम्बर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पति पत्नी के झगड़े के दूसरे दिन मायके में पत्नी के खुदकुशी मामले में तीन ननदों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर राज्य सरकार सहित विपक्षी से चार हफ्ते में याचिका पर जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति वी के बिड़ला तथा न्यायमूर्ति पी के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने बुलबुल पाल व दो अन्य बहनों की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि 21 अगस्त 25 को प्रयागराज के करछना थाने में दहेज हत्या सहित अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें पूरे परिवार को झूठा फंसाया गया है। जबकि आंचल की खुदकुशी मामले में याचियों की कोई भूमिका नहीं है। आंचल मृतका अपने माता-पिता के घर में थी। 19 अगस्त को पति-पत्नी में फोन पर बात हुई। दूसरे दिन 20 अगस्त को आंचल ने खुदकुशी कर ली। याचियो में एक विवाहित, एक नाबालिग व एक बालिग ननद है। उन्हें लपेटना कानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है। इसलिए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाय।
