बदायूं: बदायूं में दो बच्चों की निर्मम हत्या के मामले में मुठभेड़ में मारे गए मुख्य आरोपी साजिद के भाई एवं सह आरोपी जावेद ने बरेली में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद पुलिस ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करके बदायूं ले आई। इसके बाद आनन-फानन में एसएसपी द्वारा 6:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाती है, जिसमें साजिद को मानसिक बीमार बताया जाता है। ऐसा मानसिक बीमार जो अक्सर एग्रेसिव भी हो जाता था। यह सब एसएसपी द्वारा जावेद के हवाले से बताया गया, लेकिन उसके बाद भी मीडिया को अपने सवालों के जवाब नहीं मिले। हत्या का मोटिव क्या था? वो पता नहीं लगा। बस पुलिस द्वारा घटना का खुलासा करके प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एनकाउंटर में मारा गया साजिद यहां अपना इलाज करवाने आता था। वह मानसिक रूप से बीमार था, जिसकी वजह से वह अक्सर एग्रेसिव भी हो जाता था, जबकि मोहल्लों वालों के मुताबिक वह शांत प्रवृत्ति का आदमी था। पिछले काफी सालों से वह यहां अपने भाई के साथ सैलून चला रहा था, लेकिन उस दिन अकस्मात क्या हुआ यह अभी भी एक यक्ष प्रश्न पुलिस के सामने बना हुआ है। एसएसपी का कहना है कि अभी जांच जारी है।
एसएसपी के मुताबिक 10 साल की उम्र से साजिद के परिजन उसका इलाज बड़े सरकार और छोटे सरकार की दरगाह पर करवाते थे। वहां झोपड़ी डाल कर वह काफी समय तक उसे लेकर रहे भी। हालांकि हम लोग इस बारे में अभी जांच कर रहे हैं, लेकिन जब उसे ऐसी दिक्कत आती थी तो साजिद बहुत एग्रेसिव हो जाता था। घटना वाली रात भी शायद ऐसा ही कुछ हुआ।अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस जावेद को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे रिमांड पर लेकर इन सवालों के जवाब कैसे खोजती है, जिससे सभी संतुष्ट हों।