हरिद्वार, 11 मार्च । गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में कार्यकर्ता भाइयों की शारीरिक दक्षता और मानसिक स्फूर्ति को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय खेल महोत्सव आज से शुरू हाे गया। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने केसरिया ध्वज फहराया और पूर्ण शुचिता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन और सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।
पहले दिन खेल महोत्सव का सबसे रोमांचक आकर्षण वॉलीबॉल का मुकाबला रहा, जिसमें डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने मैदान में उतरकर टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने कई शानदार शॉट्स लगाए और अपनी टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रस्साकशी प्रतियोगिता में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ युवाओं ने अपना भरपूर दमखम दिखाया। अवधेश पाण्डेय की टीम ने अद्भुत तालमेल दिखाते हुए मात्र 1 मिनट से भी कम समय में प्रतिद्वंदी टीम को परास्त कर जीत दर्ज की। वहीं 400 मीटर दौड़ में प्रतिभागियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, जिसमें जग्गू गढ़तिया जी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गोला फेंक प्रतियोगिता में 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी भुजाओं की शक्ति का प्रदर्शन किया।
खेल महोत्सव के आयोजक मण्डल ने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के भीतर टीम भावना, धैर्य और जुझारूपन को विकसित करना है। ऐसे आयोजनों से स्वास्थ्य बेहतर होता है और साथ ही एक नई मानसिक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। सभी ने राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ इस महोत्सव का आनंद लिया। इस माैके पर हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती, भोजपुरी, तमिल आदि भाषाओं में कमेंट्री का लाेगाें ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर महिला मण्डल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या सहित शांतिकुंज देश विदेश के तमाम लाेग मौजूद रहे।
