प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सा कर्मियों को रेबीज के कारणों, बचाव के उपायों और उपचार प्रोटोकॉल की जानकारी देते हुए डा.निशांत अन्जुम ने बताया कि रेबीज के मामलों में त्वरित और सटीक कार्रवाई की आवश्यकता होती है। डा.पूनम सक्सेना ने वयोवृद्ध देखभाल कार्यक्रम की जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के इलाज में विशेष दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है और उपशामक चिकित्सा के माध्यम से उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।
प्रमुख अधीक्षक डा.आरवी सिंह ने विशेषज्ञों के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों से इस ज्ञान को अपनी दैनिक चिकित्सा पद्धति में लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक्ट नाउ, यू, मी, क्यूनिटी की भावना को साकार करने के लिए मिलकर काम करना होगा।
