दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दक्षिण जिला पुलिस लगातार ड्रग तस्करों पर नकेल कस रही है। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि छतरपुर स्थित एक मकान में दो विदेशी नागरिक लंबे समय से कोकीन का धंधा कर रहे हैं। सूचना को पुख्ता कर 10 सितंबर की शाम इंस्पेक्टर अनुराग सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब घर की तलाशी ली तो वहां से 355 ग्राम कोकीन, इलेक्ट्रॉनिक मशीन और पैकिंग सामग्री बरामद की गई। मौके पर मौजूद दोनों आरोपितों गिरफ्तार किया।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार पकड़े गए आरोपितों की पहचान नाइजीरिया निवासी बेंजामिन इजुचुक्वु (43) और अफ्रीका निवासी कूलीबाली मरियम (29) के रूप में हुई है। पकड़ा गया बेंजामिन इजुचुक्वु साल 2018 में भारत आया और धीरे-धीरे ड्रग सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ गया जबकि कूलीबाली मरियम बेंजामिन की सहयोगी के तौर पर सप्लाई का काम कर रही थी।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच में पता चला कि नाइजीरियाई नागरिक बेंजामिन इजुचुक्वु और कोट डी आइवोर की रहने वाली कूलीबाली मरियम मिलकर ड्रग सप्लाई कर रहे थे। पूछताछ में बेंजामिन ने बताया कि वह 2021 में एक अफ्रीकी नागरिक से जुड़ा और ड्रग सप्लाई के धंधे में उतर आया। वह 1 ग्राम कोकीन आठ हजार रुपये में खरीदता और आगे उसे दस रुपये में बेचता था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित ऑर्डर लेने के लिए व्हाट्सएप और अन्य मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। खरीदार से तय लोकेशन पर कोकीन मंगवाने का समय और जगह व्हाट्सएप पर साझा की जाती थी। वहीं डिलीवरी का काम मरियम करती थी, जबकि भुगतान का हिसाब बेंजामिन संभालता था। आरोपित रुपये यूपीआई और छोटे दुकानदारों के खातों से घुमाकर लेन-देन को छिपाते थे।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस दोनों आरोपितों के मोबाइल डेटा और खाते के लेन-देन की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ड्रग्स के रुपये यू पीआई और मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये अफ्रीकी देशों तक पहुंचाई जा रही थी।

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