लगातार भूकटाव होने ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीण हुकुम सिंह चौहान, बीरेंद्र सिंह चौहान, मुकेश डोभाल, केवल चौहान, देवेश डोभाल, मनोज सिंह चौहान, जयदेव चौहान, मंजू देवी चौहान आदि ने बताया कि लगातार हो बारिश से और छानी गांव में अतिवृष्टि के बाद से ग्राम पंचायत कोटा (पटालखणी) में नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया। जिससे ग्रामीणों की दो नाली से अधिक संचित भूमि पूर्ण रूप से बह गयी है। साथ ही फलदार, छायादार और चारपत्ति वाले वृक्ष भी पूर्ण रूप से बह गए है। बताया कि भूकटाव होने से नहरे भी क्षतिग्रस्त हो गयी है।
नदी का जल स्तर बढ़ने से पेयजल लाइने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने के साथ मत्स्य पालन को भी खतरा पैदा हो गया है। पेयजल आपूर्ति को सुचारू रूप से संचालित किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर पेयजलापूर्ति की जा रही है। कहा कि यदि जल्द से भूकटाव को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में बड़ी अनहोनी हो सकती है। उन्होने प्रशासन से कोटलीगाड़ के दोनों किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण किए जाने की मांग की है। जिससे आवासीय भवनों के साथ ही सिंचित भूमि को बचाया जा सकें।
