सीमेंस एनर्जी ने अपने धमाकेदार डेब्यू से भारत के पावर सेक्टर में हलचल मचा दी है. सीमेंस एनर्जी कंपनी भारत की सबसे बड़ी T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) इक्विपमेंट प्लेयर बनकर उभरी है.

आज ऑफिशियल तौर पर सीमेंस एनर्जी ने NSE और BSE दोनों ही एक्सचेंज पर एंट्री ली है. इस लिस्टिंग को देश के पावर सेक्टर के लिए एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है.

Siemens Energy के शेयर

रिपोर्टस के मुताबिक, Siemens Energy के शेयर की कीमत ₹2,995 से ₹3,711 के बीच लिस्ट हो सकती थी. लेकिन डिमर्जर के बाद इसका आंकलन किया गया शुरुआती वैल्यू 2,450 रुपए था, जो बाद में बढ़कर 2,478 रुपए तक पहुंचा गया.

आज सुबह 10 बजे तक यह शेयर 20% से भी ज्यादा उछलकर 2,980 रुपए पर कारोबार कर रहा है. ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म Jefferies का मानना है कि यह स्टॉक भारत का सबसे बड़ा पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) कंपनी बनने जा रहा है, जो Hitachi और GE जैसी कंपनियों से सीधा मुकाबला करेगा.

Siemens Energy को गेमचेंजर क्यों कहा जा रहा है?

सीमेंस एनर्जी का मार्केट कैप ₹83,000 करोड़ ($10 बिलियन) के करीब है. भारत में पहली बार इतना बड़ा प्योर-प्ले T&D कंपनी के रूप में लिस्ट हुआ है. कहा जा रहा है कंपनी आने वाले सालों में 40% CAGR (Compound Annual Growth Rate) से प्रॉफिट ग्रोथ का अनुमान दे रही है (FY24–FY27).

Siemens ने FY25 में ₹460 करोड़ का कैपिटल इन्वेस्टमेंट किया है ताकि पावर ट्रांसफॉर्मर की कैपेसिटी बढ़ाई जा सके. FY24 के मुकाबले FY25 में ट्रांसमिशन सेक्टर के टेंडर ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंच गए हैं यानी मांग और ऑर्डर फ्लो दोनों बढ़ रहे हैं.

जेफरीज की रिपोर्ट में क्या कहा गया

जेफरीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रील इन्वेस्टमेंट भले ही FY24–27 में थोड़े कम हों (11% CAGR), लेकिन पावर सेक्टर में 21% CAGR की ग्रोथ जारी रहेगी. ट्रेन, ग्रीन एनर्जी और पावर ट्रांसमिशन के लिए सीमेंस एनर्जी की स्ट्रैटजी और कैपेक्स प्लानिंग इसे एक मज़बूत खिलाड़ी बनाती है.

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