कॉन्फ्रेंस के दौरान कमेटी के सदस्यों ने बताया कि गुरु पर्व को समर्पित कार्यक्रमों की शुरुआत 29 अक्टूबर से प्रभात फेरियों के साथ होगी। प्रतिदिन प्रातः काल शहर के विभिन्न गुरुद्वारों से संगत गुरबाणी कीर्तन करते हुए प्रस्थान करेगी। 4 नवंबर को शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक धार्मिक दीवान सजाया जाएगा, जिसमें संगत को गुरु की शिक्षाओं से अवगत कराया जाएगा।मुख्य आयोजन 5 नवंबर को रामलीला ग्राउंड स्थित विशाल पंडाल में होगा, जहां कीर्तन समागम का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान पंथ के प्रसिद्ध कथावाचक, कीर्तनीय और ग्रंथी सिंह गुरबाणी विचार प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम उपरांत विशाल लंगर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रेम और भक्ति भाव से प्रसाद ग्रहण करेंगे।
इस अवसर पर सरपरस्त सरदार अमरजीत सिंह बिंद्रा, मुख्य सेवादार वीरेंद्र सिंह चड्ढा, जसपाल सिंह कोहली, रणजीत सिंह नागपाल, हरजीत सिंह सच्चर, हरविंदर सिंह कुकरेजा, प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा, अमरजीत सिंह सेठी, जसपाल सिंह मालदार, चरणजीत सिंह बिंद्रा, सनी आनंद सहित समस्त संगत उपस्थित रही।
