मुज़फ्फरनगर| जिले में जारी ट्रेड फेयर मेला 2025 को लेकर शिवसेना ने सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक आस्थाओं से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए हैं। बुधवार को शिवसेना पश्चिम प्रदेश कार्यालय पर आयोजित बैठक में पश्चिम प्रदेश प्रमुख ललित मोहन शर्मा की अध्यक्षता में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के बाद पदाधिकारियों ने मेले से संबंधित सुरक्षा और अनुबंध उल्लंघन को लेकर चिंता व्यक्त की।शिवसेना जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने बताया कि मेले में लगे झूले और मौत के कुएं जैसी खतरनाक सवारियां बिना किसी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) के संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में यह स्पष्ट हुआ है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है, जिससे आमजन की जान को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच कराकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की।वहीं नगर अध्यक्ष ओंकार पंडित ने कहा कि मेला अनुबंध के बिंदु संख्या 31 में मीट-मांस की दुकानों पर प्रतिबंध का उल्लेख है, बावजूद इसके कुछ दुकानों को अनुमति दी गई है, जिससे सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।बैठक के बाद शिवसेना पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं मंडलायुक्त सहारनपुर को भी भेजी गई। शिवसेना ने मांग की कि 14 अक्टूबर से 7 नवंबर तक चलने वाले ट्रेड फेयर 2025 की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि मेला सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।इस दौरान शरद कपूर, मुकेश त्यागी, देवेंद्र चौहान, उज्जवल पंडित, राजेंद्र टायर, राजन वर्मा, राकेश सोनकर, सूरज शेट्टी, लोकेश लोढ़ा, रूपराम कश्यप, सुभाष योगी, विवान चौधरी, दीपक कश्यप, शुभम वाल्मीकि, दिनेश कुमार, बलिंदर, अरुण कुमार, श्यामवीर, अमित कुमार, शैलेंद्र विश्वकर्मा, सनी वर्मा, सोनू पालीवाल, शुभम कुमार, वीरेश कुमार, मोनू कुमार व सुधीर चाल सहित अनेक शिव सैनिक उपस्थित रहे।
