इस मौके पर उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों तक पहुंच के लिए देशभर में कार्यरत सबसे प्रमुख माध्यम हैं, इनकी भूमिका तकनीकी प्रसार, प्रशिक्षण एवं कृषि नवाचारों को किसानों तक पहुंचाने में है। शिवराज सिंह ने कहा कि केवीके को सरकार की किसान हितैषी नीतियों, कार्यक्रमों और योजनाओं को किसानों की भलाई और उनकी जागरूकता के लिए उनके बीच पहुंचाना चाहिए।

बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने आईसीएआर के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवीके की कार्यप्रणाली को सुचारू करने के साथ ही इनकी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए इन्हें समुचित वित्तीय, मानव संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, शिवराज सिंह ने के वीकेके में कार्यरत वैज्ञानिकों व कर्मचारियों की योग्यता अनुरूप पदोन्नति और अकादमिक समता सुनिश्चित करने के लिए पहल करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने प्रशिक्षण, अनुसंधान विस्तार और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सभी केवीके में एकरूपता लाने के निर्देश दिए। साथ ही, शिवराज सिंह ने के वीकेके सभी वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, पदोन्नति, सेवानिवृत्ति आयु तथा सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ के संबंध में अधिकारियों से समुचित समाधान करने के लिए चर्चा की। इस संबंध में राज्य सरकारों तथा नीति आयोग और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के स्तर पर भी समुचित हल के लिए पहल करने के निर्देश केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने दिए।

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