मुज़फ्फरनगर। शहर के नुमाइश मैदान में चल रहे ट्रेड फेयर को लेकर शिवसेना ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मेले में अव्यवस्थाओं का अंबार है और प्रशासन तमाशबीन बना हुआ है। इस मुद्दे पर गुरुवार को ज़िला कार्यालय पर ज़िला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा की अध्यक्षता में एक आपात बैठक आयोजित की गई।बैठक में शिवसेना नेताओं ने कहा कि मेले में सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी हैं, अस्थाई ढांचे खतरा बने हुए हैं, पार्किंग व्यवस्था ध्वस्त है और ध्वनि प्रदूषण अपने चरम पर है। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि “जनता की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। मेला अब व्यापारियों का नहीं, अव्यवस्थाओं का केंद्र बन चुका है।”उन्होंने बताया कि आयोजन समिति की ओर से मेले की अवधि 7 नवंबर को समाप्त होनी थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है।
शिवसेना ने स्पष्ट किया कि अगर मेला बढ़ाया गया तो इसका पुरज़ोर विरोध किया जाएगा।नेताओं ने कहा कि देर रात तक लाउडस्पीकर बजने से आसपास के मोहल्लों और विद्यालयों पर असर पड़ रहा है। परीक्षा काल नज़दीक है, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई में बाधा जनहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मेले का शोर और अव्यवस्था नागरिकों के स्वास्थ्य और शांति, दोनों के लिए हानिकारक है।शिवसेना पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेताया कि यदि मेला समय पर समाप्त नहीं हुआ तो पार्टी सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण आंदोलन करेगी।बैठक में ज़िला प्रभारी आनंद प्रकाश गोयल, देवेंद्र चौहान, चेतन देव विश्वकर्मा, विनीत कुमार, भुवन मिश्रा, सूरज शेट्टी, अमित कुमार, श्यामवीर, शुभम वाल्मीकि, बलिंदर व दिनेश कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
