संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पिछले साल 24 नवंबर 2024 को हरिहर मंदिर और जामा मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर हो रहे सर्वे के दौरान हिंसक घटना हुई थी। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में शारिक साठा मुख्य षड्यंत्रकारी के रूप में सामने आया था। पुलिस शारिक साठा की तलाश कर रही है। जांच में पता चला कि वह कुछ साल पहले देश छोड़कर भाग गया था। उसके घर पर न मिलने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 84 के तहत नोटिस चस्पा किया गया है। इससे पहले उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
एसपी ने बताया कि शारिक साठा विदेश में बैठकर एनसीआर और उत्तर प्रदेश में वाहन चोरी की विभिन्न घटनाओं को अंजाम दे रहा है। उसके खिलाफ कुल 60 मुकदमे दर्ज हैं। शारिक साठा तीन दशकों से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी 2 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन पहले ही जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा, अपराध से अर्जित उसकी अन्य अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने शारिक साठा के गुर्गों गुलाम, मुल्ला अफरोज और वारिस को गिरफ्तार कर मुरादाबाद की जेल भेज दिया है। मुल्ला अफरोज के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई है।
आपको बता दें कि बीती 19 नवंबर को हिंदू पक्ष की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन के चंदौसी कोर्ट में दावा किया गया कि संभल की शाही जामा मस्जिद श्रीहरिहर मंदिर है, उसी दिन पहला सर्वे हुआ। 24 नवंबर को मस्जिद में चल रहे सर्वे के दौरान हजारों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी, जिसमें चार मौतें हो गई, वहीं उग्र भीड़ ने गाड़ियों को फूंक दिया।
