मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और गरीब मरीजों के शोषण का आरोप लगाकर शांति सेना ने सैकड़ों महिलाओं के साथ विरोध प्रदर्शन किया। धरने में शामिल लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों से जबरन वसूली की जाती है और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधाएं नहीं दी जातीं। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में पारदर्शिता और सुधार की तत्काल मांग की।धरने में शामिल लोगों ने बताया कि अस्पताल में कई प्रकार के शुल्क आम लोगों के लिए भारी बोझ बन चुके हैं। मरीजों को भर्ती कराने, जांच कराने और दवाइयां लेने के नाम पर अलग-अलग भुगतान करना पड़ता है। वार्ड में सफाई और देखभाल के लिए भी रिश्वत मांगी जाती है। आम मरीजों को सीमित दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि प्रभावशाली लोग आसानी से महंगी और बेहतर दवाइयां प्राप्त कर लेते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि इस भ्रष्टाचार के कारण अस्पताल में इलाज कराने आए लोग मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं किया गया, तो शांति सेना अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगी और सत्याग्रह के जरिए आम जनता को भी शामिल करेगी।
शांति सेना की अध्यक्ष मुनेश गुप्ता ने अंत में कहा, “हम गरीब और आम लोगों के शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ कटिबद्ध हैं। यदि अस्पतालों से लूट और अव्यवस्था का सिलसिला नहीं रुका, तो हम अनिश्चितकालीन धरना देंगे। हमारी लड़ाई सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव के लिए है।”
