शाह इस अवसर पर एनसीबी की वार्षिक रिपोर्ट-2024 जारी करने के साथ ऑनलाइन ड्रग विनष्टीकरण अभियान की भी शुरुआत करेंगे। सम्मेलन में 36 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के साथ विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी’ है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नशा-मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करना और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना है।

सम्मेलन में मादक पदार्थों की आपूर्ति, मांग और नुकसान कम करने सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा के निहितार्थ मादक पदार्थों से संबंधित कानून प्रवर्तन को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की जाएगी। अवैध प्रयोगशालाओं, भगोड़ों की निगरानी, विदेशी अपराधियों के प्रबंधन और डार्क वेब एवं क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से हो रही तस्करी से निपटने के लिए होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच को एजेंडे में प्रमुखता दी गई है।

सम्मेलन के दौरान छह तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। एक सत्र नशा-मुक्त भारत @ 2047 पर केंद्रित होगा। एकीकृत जांच पर केंद्रित सत्र में टॉप टू बॉटम और बॉटम टू टॉप अप्रोच की रणनीति पर विमर्श होगा। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने नशीले पदार्थों के विरुद्ध ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। 2021 में गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को समर्पित एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया था। अप्रैल 2023 में शाह ने इन टास्क फोर्स प्रमुखों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया था।

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