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-20 नवंबर से शुरू हो रहा तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेला

रूद्रप्रयाग/उखीमठ, 18 नवंबर (हि. स.)। द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट मंगलवार प्रातः शीतकाल के मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी स्वाति नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में बंद हो गए। साढ़े तीन सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के मौके पर साक्षी बने। कपाट बंद होने के बाद मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली भंडार निरीक्षण और मंदिर की परिक्रमा के पश्चात ढ़ोल-दमाऊं के साथ प्रथम पड़ाव गौंडार के लिए प्रस्थान कर गई। तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेला 20 नवंबर से शुरू हो रहा है।

कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खुला श्रद्धालुओं ने दर्शन किये पूजा-अर्चना अर्चना के बाद 7 बजे से कपाट बंद ही प्रक्रिया शुरू हो गयी। इसके पश्चात पुजारी शिवलिंग ने बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, बीकेटीसी सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान एवं पंच गौंडारी हकहकूकधारियों की उपस्थिति में मदमहेश्वर के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया। इसके बाद प्रातः 8 बजे मंदिर के कपाट मदमहेश्वर के जयघोष के साथ शीतकाल के बंद हो गए। मंदिर को फूलों से सजाया गया था।

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में द्वितीय केदार मदमहेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। श्रद्धालुओं से अपील की है मंदिरों कपाट बंद होने पर शीतकालीन तीर्थस्थलों में दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करें। वहीं, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने मदमहेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने पर बधाई दी है।

मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने द्वितीय केदार मदमहेश्वर से बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच इस यात्रा वर्ष द्वितीय केदार मदमहेश्वर में 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उन्होंने बताया कि कपाट बंद होने के बाद मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली रात्रि प्रवास के पहले पड़ाव गौंडार के लिए रवाना हुई ।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि 19 नवंबर बुधवार को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली राकेश्वरी मंदिर रांसी और 20 नवंबर गुरुवार को गिरिया प्रवास करेगी। 21 नवंबर शुक्रवार को चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली के स्वागत के लिए ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में तैयारियां शुरू हो गयी हैं।

आज कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान,बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पंच गौंडारी हकहकूकधारी पूर्व प्रधान वीरसिंह पंवार, सरपंच फतेह सिंह सहित वन विभाग एवं प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी और श्रद्धालु जन मौजूद रहे।

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