डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रवैये की वजह से भारत और अमेरिका के संबंधों में तनाव आया है। 50% टैरिफ लगाकर उन्होंने दबाव बनाने की काफी कोशिश की, लेकिन तमाम रणनीति नाकाम होते देख अब अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के सुर बदलने लगे हैं। उन्होंने भारत और अमेरिका को महान देश बताया और कहा कि दोनों मिलकर विवाद का समाधान निकाल लेंगे। उनका ये बयान चीन में हुई SCO मीटिंग के बाद आया है, जिसमें पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात की तस्वीरें दुनियाभर में छा गईं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी बीते कई दिनों से लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी और सख्त भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि अमेरिकी वित्त मंत्री ने इस बीच दोनों देशों के बीच जल्द विवाद खत्म होने की उम्मीद जताई।
‘महान देश मिलकर चीजें सुलझा लेंगे’
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट से भारत और अमेरिका पर सवाल हुआ। उसने पूछा गया कि ट्रंप ने जो 50 फीसदी टैरिफ लगाया है उसके बाद क्या भारत का झुकाव चीन और रूस की तरफ हो गया है? इस पर उन्होंने कहा कि दो महान देश मिलकर चीजें सुलझा लेंगे। बेसेंट ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला लोकतंत्र है। उनके मूल्यों चीन की तुलना में हमारे मूल्यों के काफी करीब हैं। रूस के मुकाबले भी वो हमारे बहुत करीब हैं।
SCO बैठक पर दिया बड़ा बयान
इंटरव्यू में उन्होंने पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात को लेकर चिंताओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि ये SCO का एक नियमित आयोजन है, जो केवल दिखावा है। इस बीच उन्होंने एक बार फिर रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत की फिर आलोचना की। उन्होंने कहा कि रूसी तेल खरीदने और फिर उसे बेचने के मामले में भारत ने अच्छा व्यवहार नहीं किया। इससे यूक्रेन में रूस के युद्ध प्रयासों को वित्तीय मदद मिल रही है।
भारत ने टैरिफ में पूरी कटौती की पेशकश की- ट्रंप
इससे पहले SCO समिट के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार और टैरिफ को लेकर फिर बयान दिया। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को एकतरफा आपदा बताया। साथ ही आरोप लगाया कि भारत के हाई टैरिफ की वजह से भारत में अमेरिका सामान बेचने में असमर्थ रहा है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत ने अपने टैरिफ को शून्य करने की पेशकश की है, लेकिन अब इसमें देर हो रही है। उन्हें सालों पहले ऐसा करना चाहिए था।
