जन्म प्रमाण पत्र को लेकर धोखाधड़ी मामले में बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को सुप्रीम कोर्ट से राहत

नई दिल्ली, 25 फरवरी (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने जन्म प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा के आरोपों के मामले में बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन, उनके परिवार के सदस्यों और कोच के खिलाफ किसी भी निरोधात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस सुधांशु धुलिया की अध्यक्षता वाली बेंच ने कर्नाटक सरकार और इस मामले के शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है।

दरअसल, एमजी नागराज ने लक्ष्य सेन, उनके माता-पिता और कोच यू विमल कुमार के खिलाफ जन्म प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया है कि लक्ष्य सेन की वास्तविक उम्र को करीब ढाई साल घटाया गया। शिकायत के मुताबिक ये फर्जीवाड़ा लक्ष्य सेन को बैडमिंटन टूर्नामेंट में हिस्सा लेने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किया गया था। नागराज ने सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के आधार पर शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के बाद ट्रायल कोर्ट ने लक्ष्य सेन, उनके माता-पिता और कोच के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

ट्रायल कोर्ट के आदेश को लक्ष्य सेन ने कर्नाटक हाई कोर्ट में 2022 में चुनौती दी थी। कर्नाटक हाई कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने लक्ष्य सेन की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि उनके वकीलों को पर्याप्त समय देने के बावजूद कोई दलील नहीं रखी। हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय———–

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