मुरादाबाद के थाना सिविल लाइंस में चक्कर की मिलक रोड स्थित कोठी नंबर-4 में समाजवादी पार्टी का कार्यालय बना हुआ है। 28 जुलाई 1994 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इसका उद्घाटन उप्र सरकार में तत्कालीन नगर विकास एवं जलापूर्ति मंत्री रमाशंकर कौशिक की अध्यक्षता में किया गया था। एक कोठी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को 250 रुपये मासिक किराए पर आवंटित की गई थी। हालांकि मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद पार्टी की ओर से इस भवन के नामांतरण या नवीनीकरण को लेकर कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं की गई। मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह ने 31 साल पुराने इस आवंटन को पूर्व में निरस्त कर दिया था और नोटिस जारी किया था। जिला प्रशासन ने नोटिस में कहा था कि 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनी यह कोठी नजूल की भूमि पर बनी है जिसका स्वामी उत्तर प्रदेश राज्य है और नगर निगम के प्रबंधन में है। मुलायम सिंह की मृत्यु के बाद उक्त भवन के नामांतरण के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। वर्तमान में सरकारी योजना हेतु विभाग को शासकीय भूमियों की आवश्यकता है। अधिकारियों के आवास की भी आवश्यकता है। ऐसी परिस्थिति में नोटिस प्राप्ति के एक माह के भीतर भवन को खाली कर दिया जाए।

जिला प्रशासन ने बीती 30 जुलाई को सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव को नोटिस जारी कर भवन खाली करने के लिए कहा था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नोटिस की मियाद खत्म होने से पहले सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने अपर जिलाधिकारी वित्त एव राजस्व को लिखित जवाब भी सौंप दिया है। वहीं नोटिस में दी गई समयसीमा खत्म होने के बाद जिला प्रशासन ने भी भवन को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार एक.दो दिन में आग्रिम कार्रवाई प्रारंभ हो जाएगी। नोटिस का समय खत्म होने के करीब आ गया।

वहीं दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने अपने लिखित जवाब में प्रशासन को बताया है कि चक्कर की मिलक स्थित कोठी संख्या-4 शासन की ओर से तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष को जिला कार्यालय के तौर पर आवंटित की गई थी। उन्होंने आवंटन से जुड़े कागजात और किराए की रसीदें भी सौंपीं। साथ ही बताया कि दिसंबर-2024 तक कार्यालय का किराया भी जमा किया गया है। इसलिए भवन पर कब्जे की बात सही नहीं है। यह पूरी तरह से कानूनी है और कोठी का आवंटन पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के नाम शासनादेश से हुआ था। बाद में इसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम जिला कार्यालय के रूप में मान्यता मिली।

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