डीएम ने बताया कि कार्यशाला में वर्ष 2047 तक यूपी को विकसित राज्य बनाने के लिए तैयार विजन डॉक्यूमेंट साझा किया जाएगा। इसमें तीन मिशन—समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण शामिल हैं। समग्र विकास के तहत हर नागरिक को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराना है। आर्थिक नेतृत्व मिशन में उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देकर यूपी को राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर आर्थिक शक्ति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सांस्कृतिक पुनर्जागरण के तहत परंपरा और आधुनिक तकनीक के मेल से सामाजिक-सांस्कृतिक उत्थान किया जाएगा।
विजन डॉक्यूमेंट में तीन थीम—अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति तथा 12 प्रमुख सेक्टरों जैसे कृषि, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आईटी व इमेजिंग, पर्यटन, नगर व ग्राम्य विकास, अवस्थापना, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा-सुशासन पर फोकस किया गया है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विषयवार कार्यशालाओं का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और ग्राम पंचायत स्तर तक गोष्ठियों का आयोजन कर जनता से फीडबैक लिया जाए। बैठक में उद्योग, कृषि, शिक्षा, श्रम, कारखाना, प्रोबेशन व सूचना विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
