रिपोर्ट्स की मानें तो अजय देवगन और उनकी टीम की योजना ‘सन ऑफ सरदार-2’ को देशभर में लगभग 3,500 स्क्रीन्स पर रिलीज करने की थी। लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर 2,500 स्क्रीन्स तक सिमटने की आशंका जताई जा रही है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह है ‘सैयारा’ और ‘महावतार नरसिम्हा’ जैसी फिल्मों का ज़बरदस्त प्रदर्शन। दोनों ही फिल्में फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही हैं और थिएटर मालिकों को अच्छा मुनाफा दे रही हैं। ऐसे में सिनेमाघर इन्हें हटाने के मूड में फिलहाल नहीं हैं, जिससे अजय की फिल्म की स्क्रीन शेयरिंग पर सीधा असर पड़ सकता है।

सूत्रों की मानें तो ‘सन ऑफ सरदार-2’ के डिस्ट्रीब्यूटर्स की मांग है कि फिल्म को कुल शो टाइमिंग्स का 60 प्रतिशत हिस्सा मिले, लेकिन थिएटर मालिक इस पर पूरी तरह सहमत नहीं हैं। फिलहाल, अधिकतर सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर सिर्फ दिन में दो शो देने को तैयार हैं, जबकि नॉन-नेशनल चेन सिनेमा हॉल्स भी इसी दिशा में झुकते नजर आ रहे हैं। वहीं, पीवीआर इनोक्स जैसे प्रमुख मल्टीप्लेक्स ग्रुप्स ने इस असंतुलन पर नाराजगी जाहिर की है और स्थिति को लेकर चिंता जताई है। फिलहाल निर्माता और थिएटर मालिकों के बीच बातचीत का दौर जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आखिरी क्षणों में कोई ठोस समझौता हो सकता है। फिलहाल तो इतना कहना गलत नहीं होगा कि ‘सैयारा’ ने ‘सन ऑफ सरदार 2’ के रास्ते में बड़ी दीवार खड़ी कर दी है।

सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘धड़क-2’ ने ‘सन ऑफ सरदार-2’ के आसपास मचे शोरगुल से खुद को दूर रखने के लिए एक अलग राह चुनी है। फिल्म महज 1,000 स्क्रीन्स पर रिलीज की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, निर्माता करण जौहर इस सीमित रिलीज से पूरी तरह संतुष्ट हैं। वह इसे एक टारगेटेड स्ट्रैटेजी के रूप में देख रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे धर्मा प्रोडक्शंस ने पहले ‘केसरी-2’ के साथ अपनाई थी।

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