मनीष अग्रवाल

सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया। सोमवार को उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच पुलिसकर्मियों की समस्याएँ सुनकर मौके पर ही उनके अवकाश स्वीकृत कर दिए। यह कदम न केवल अधीनस्थों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ, बल्कि पुलिस प्रशासन में एक प्रेरक उदाहरण भी बन गया।जानकारी के अनुसार, सोमवार को एसएसपी आशीष तिवारी जनसंपर्क कार्य पूरा कर पुलिस कार्यालय से प्रस्थान करने की तैयारी में थे। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी अपने अवकाश प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे। पुलिसकर्मियों को देखकर एसएसपी ने बिना किसी औपचारिकता के तुरंत रुककर उनकी बातें सुनीं। उन्होंने खड़े-खड़े प्रत्येक पुलिसकर्मी से उनकी पारिवारिक स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी कारणों और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली।स्थिति को समझने के बाद एसएसपी आशीष तिवारी ने सभी के अवकाश तत्काल स्वीकृत कर दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी पुलिसकर्मी को अपनी निजी या पारिवारिक समस्याओं को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में वे सीधे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर सकते हैं, ताकि समस्या का त्वरित समाधान हो सके।एसएसपी की यह मानवीय पहल पुलिस बल में नई ऊर्जा का संचार करने वाली साबित हुई है। अधीनस्थों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का यह व्यवहार न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह दर्शाता है कि वे अपने कर्मचारियों की भावनाओं और परिस्थितियों को गहराई से समझते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का नेतृत्व पुलिस बल में आपसी संवाद, विश्वास और टीम भावना को मजबूत बनाता है। जब वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीनस्थों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाते हैं, तो इसका सीधा प्रभाव उनके कार्य प्रदर्शन, अनुशासन और समर्पण पर पड़ता है।एसएसपी आशीष तिवारी का यह कदम न केवल उनकी मानवीय संवेदनशीलता को उजागर करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि पुलिसकर्मी केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि समाज के ऐसे सदस्य हैं जिन्हें समझने और सहारा देने की आवश्यकता है।

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