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नई दिल्ली, 09 फ़रवरी । राज्यसभा में सोमवार को बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सदस्य एवं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि यह एक “भुलाने लायक बजट” है, जिसे ऐसी वित्त मंत्री ने पेश किया है जो पिछले साल सदन में किए गए अपने वादे भूल गईं।

चिदंबरम ने बजट आवंटनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि रक्षा, विज्ञान, सामाजिक कल्याण और शहरी विकास जैसे अहम क्षेत्रों में कटौती की गई है। कई योजनाओं की घोषणा तो की गई लेकिन या तो उनके लिए बहुत कम राशि रखी गई या फिर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत पैमाना है, लेकिन सरकार अब ऋण-जीडीपी अनुपात की ओर ध्यान केंद्रित कर रही है।

उन्होंने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. सी. रंगराजन का हवाला देते हुए कहा कि राजकोषीय घाटा और ऋण-जीडीपी अनुपात एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत है। अगले वर्ष यह केवल 4.3 प्रतिशत तक ही घटेगा। चालू वर्ष में राजस्व घाटा 1.5 प्रतिशत है और अगले वर्ष भी 1.5 प्रतिशत ही रहेगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आदर्श स्थिति में राजस्व घाटा समाप्त होना चाहिए और अधिकतम एक प्रतिशत से ज़्यादा नहीं होना चाहिए।

चिदंबरम ने कहा कि देश के सामने दूसरी बड़ी चुनौती बेरोज़गारी है। देश में युवा बेरोज़गारी दर 15 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। कुल कार्यबल में से 25 प्रतिशत से भी कम लोग नियमित रोज़गार में हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग स्व-रोज़गार की ओर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 4–5 साल पहले की तुलना में अब कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है, जो अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के सदस्य अरुण सिंह ने बजट पर चर्चा में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय बजट का आकार तीन गुना हो गया है। उन्होंने महंगाई को नियंत्रित रखने का श्रेय प्रधानमंत्री को दिया।

अरुण सिंह ने कहा कि बजट में गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए भारी आवंटन किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भले ही कृषि ऋण माफी की बात करते हों, लेकिन प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई है।

देश में अनाज और बागवानी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

अरुण सिंह ने कहा कि बजट का उद्देश्य ईज़ ऑफ लिविंग और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूत करना है। सरकार कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेज़ी से काम कर रही है, जिनमें सेमीकंडक्टर मिशन, डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर

जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।विभिन्न डोमेन और विकास परियोजनाओं पर कार्य तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

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By editor

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