दो घंटे तक चले प्रदर्शन के उपरांत कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों की मांगों को स्वीकार करते हुए 100 से अधिक कर्मचारियों का वेतन ₹5,000 से बढ़ाकर 11,500 प्रति माह करने की घोषणा की। यह वृद्धि न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुरूप की गई है। इस निर्णय से कंपनी पर वार्षिक वेतन भार लगभग 78 लाख तक बढ़ने का अनुमान है।
इसके अतिरिक्त, कंपनी प्रबंधन ने बीते 5 से 10 वर्षों में हुए वेतन कटौती की समीक्षा कर मजदूरों को उनका बकाया वेतन लौटाने की प्रक्रिया आरंभ करने की बात भी कही है। इससे मजदूरों को करोड़ों रुपये की संभावित राहत मिलने की उम्मीद है।
धरने के दौरान बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला प्रभारी कपिल छाबड़ा का भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर अनुज गौतम (राष्ट्रीय संगठन सचिव, मूलनिवासी विद्यार्थी संघ), देवराज सिंह (राज्य महासचिव, पीपल्स यूथ फ्रंट), किसान यूनियन के नेता अनिल कुमार, युवा नेता आकाश कुमार, शेखर एवं रवि कुमार भी उपस्थित रहे।
प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और श्रमिकों ने संविधानिक दायरे में रहकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से सामने रखा। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि उन्हें अधिकारों से वंचित किया गया, तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप से किया जाएगा।
