किरोड़ीमल कॉलेज में ‘संविधान जानो’ संगोष्ठी में युवाओं को किया जागरूक
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में सशक्त भारत मंच द्वारा संगोष्ठी संविधान जानो का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता, प्रसिद्ध समाजसेविका और उद्यमी निशा चौधरी ने युवाओं को भारतीय संविधान की मूल भावना को समझने और जीवन में अपनाने का आह्वान किया।संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही।
अपने प्रभावशाली संबोधन में निशा चौधरी जी ने कहा किभारत का संविधान सिर्फ कानून की किताब नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की आत्मा और पहचान है। इसे जानना, समझना और जीवन में उतारना हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। जब हम अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो अपने कर्तव्यों को भी उतनी ही गंभीरता से निभाना चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि आज का युवा वर्ग देश की सबसे बड़ी शक्ति है। अगर युवा संविधान के मूल सिद्धांतों समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व को समझ लेंगे, तो भारत एक सशक्त, समरस और विकसित राष्ट्र बन सकता है।निशा चौधरी ने छात्रों से अपील की कि वे केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि संवैधानिक मूल्यों को व्यवहार में लाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।कार्यक्रम की अध्यक्षता किरोड़ीमल कॉलेज के प्राचार्य दिनेश खट्टर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संविधान न केवल शासन की रूपरेखा तय करता है, बल्कि यह नागरिकों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक भी बनाता है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति सम्मान ही सच्ची राष्ट्रभक्ति का परिचायक है।संगोष्ठी में डीसीपी मुकुंद बिहारी ने समान नागरिक संहिता विषय पर अपने विचार रखे और समाज में समानता के महत्व पर प्रकाश डाला। समाजसेवी चमनलाल ने नागरिक कर्तव्य विषय पर युवाओं को अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया, वहीं राष्ट्रीय संयोजक निपुण आलमबायन ने संविधान का एक अवलोकन विषय पर संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसकी प्रासंगिकता पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का संयोजन सहायक प्रोफेसर धीरज कुमार द्वारा किया गया, जिन्होंने समापन सत्र में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मंच संचालन समीक्षा ठाकुर ने किया, जिन्होंने पूरी संगोष्ठी को प्रभावशाली और सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और विद्यार्थियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। सभी उपस्थित लोगों ने सशक्त भारत मंच द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में संविधान के प्रति सम्मान और समझ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।अंत में निशा चौधरी ने अपने प्रेरक शब्दों में कहा कि संविधान को जानना ही नहीं, उसे जीवन में उतारना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।
