और बढ़ गई हैं। माैसम विभाग ने राज्य में 15 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए बारिश का रेड, यलो या ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।जिला स्तर पर प्रशासन मुस्तैद है और संवेदनशील इलाकाें काे निकालकर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने

बैठक कर किसी भी विषम परिस्थितियाें से निपटने की तैयारियाें की समीक्षा की।

मौसम विभाग ने मंगलवार काे आज ओ लिए हरिद्वार, नैनीताल व ऊधमसिंहनगर में अत्यधिक वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया हैं, जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर व चंपावत जिले में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य जनपदों में मध्यम से भारी वर्षा होने के आसार का येलो अलर्ट जारी किया गया है। माैसम विभाग ने राज्य में 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर व उधमसिंहनगर जिलों में अत्यधिक वर्षा का रेड अलर्ट व शेष जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाउ 14 अगस्त को राज्य के समस्त जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट और 15 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौडी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर एवं चम्पावत आदि जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट साथ ही राज्य के शेष जनपदों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना येलो अलर्ट जारी किया है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक, जिलाें काे किया सतर्क

राज्य के मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक की चेतावनी के बाद राज्य आपदा प्रबंधन के अधिकारियों ने बैठक कर किसी भी विषम परिस्थितियाें से निपटने की

तैयारियाें की समीक्षा की। इस बैठक में सभी जिलों की मौजूदा स्थिति, वर्षा, जलभराव वाले क्षेत्रों व प्रभावित इलाकों की जानकारी ली। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग पूरी तैयारी में रहें। जिन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी है, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए और अगले तीन दिनों के भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए किसी भी चुनौती से निपटने के लिए फील्ड स्तर तक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, नदियों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए नदी किनारों और संवेदनशील इलाकों में अलार्म सिस्टम को सक्रिय रखने व चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए जाएं। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नाव, राफ्ट जैसी व्यवस्थाएं पहले से अलर्ट मोड पर रखी जाएं। साथ ही जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की एडवांस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को हर परिस्थिति की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने को

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने जिलों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आईआरएस को 24 घंटे सक्रिय रखने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्द ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ. पूजा राणा, हेमंत बिष्ट, डॉ, वेदिका पंत, .तंद्रीला सरकार आदि मौजूद थे।

आपदा की स्थिति में इन नंबराें पर दें सूचना

किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बर 0135-2710335, 0135-2710334, टोल फ्री नबंर 1070, 1077, 9058441404 और 8218867005 पर काेई भी सूचना दी जा सकती है।

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