यह खबर रांची के रिम्स (RIMS) अस्पताल से जुड़ी है, जहां डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है। यहां एक युवक के सिर से गोली निकालकर उसे नई जिंदगी दी गई, जो चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से किसी चमत्कार से कम नहीं है।

मौत को मात देकर लौटा 20 वर्षीय गोपाल
झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले गोपाल कुमार गंझू के लिए 29 दिसंबर की रात काल बनकर आई थी। कुछ अपराधियों ने उनके घर में घुसकर उन पर हमला किया और गोली चला दी। गोली गोपाल के गाल को भेदते हुए सिर के पिछले हिस्से में जाकर धंस गई। ऐसी गंभीर चोट के बावजूद, गोपाल ने हिम्मत नहीं हारी। उनके परिवार वाले उन्हें तुरंत लेकर रिम्स पहुंचे। डॉक्टरों के लिए सबसे हैरानी वाली बात यह थी कि सिर में गोली होने के बाद भी गोपाल होश में थे और बात कर पा रहे थे।

6 घंटे चली जटिल सर्जरी और डॉक्टरों की जीत
अस्पताल पहुंचते ही न्यूरोसर्जरी विभाग ने मुस्तैदी दिखाई। सीटी स्कैन और जरूरी जांचों के बाद डॉक्टरों ने पाया कि स्थिति बहुत नाजुक है और जरा सी देरी जानलेवा हो सकती है। 30 दिसंबर को डॉ. आनंद प्रकाश के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। यह सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि जरा सी चूक से दिमाग की नसों को नुकसान पहुंच सकता था। लगभग 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टरों ने सुरक्षित तरीके से गोली को बाहर निकाल लिया।

तेजी से सुधार और भविष्य की उम्मीद
ऑपरेशन के अगले ही दिन गोपाल न केवल पूरी तरह होश में आ गए, बल्कि उन्होंने खुद से खाना शुरू किया और अपने परिवार से बातचीत भी की। डॉ. आनंद प्रकाश का कहना है कि सिर में गोली लगने के बाद मरीज का जीवित बचना और इतनी जल्दी ठीक होना बहुत दुर्लभ मामला है। हालांकि, गोली लगने की वजह से गोपाल को फिलहाल धुंधला दिखाई दे रहा है, लेकिन डॉक्टरों को पूरा भरोसा है कि इलाज के साथ उनकी आंखों की रोशनी भी जल्द ही पूरी तरह ठीक हो जाएगी।

परिजनों ने रिम्स के डॉक्टरों को फरिश्ता बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। यह सफल ऑपरेशन रिम्स की विशेषज्ञता और डॉक्टरों के अटूट समर्पण का प्रतीक है, जिसने एक परिवार की खुशियाँ दोबारा लौटा दीं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights