टीम ने एक दवा निर्माण कंपनी का भी औचक निरीक्षण किया गया, जो बीटा एवं नॉन-बीटा श्रेणी की दवाओं का निर्माण करती है। निरीक्षण में कई कमियां पाई गईं, जिन्हें तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए। यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि भविष्य में निर्माण कार्य जीएमपी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो कंपनी का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। डीडीसी हेमंत सिंह नेगी ने बताया कि दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, जिसके लिए दवा निर्माण एवं भंडारण कार्य निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग कठोर कार्रवाई करेगा।
