यह विचार मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रशिक्षण निदेशालय, यूटीसीएस (संघ शासित प्रदेश सिविल सेवा) विश्वास नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘राष्ट्र की एकता और सिविल सेवाओं की भूमिका’ सेमिनार में साझा किए। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि एक प्रेरणा और एक सतत मिशन है, वह मिशन, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बीते आठ महीनों में दिल्ली सरकार ने इसी भावना से शासन को जनता-केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार, समयबद्ध कार्य-संस्कृति और तकनीक आधारित प्रशासन इसका सजीव उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सबके केंद्र में एक ही सोच है – “जनता तक पहुंचने वाला शासन।” और इस सोच को जमीन पर उतारने में हमारे अधिकारी सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। सरकार दिशा तय करती है, परंतु उस दिशा को गति और परिणाम देने वाले हमारे सिविल सेवक होते हैं। राष्ट्र की प्रगति की असली शक्ति उनके समर्पण, निष्ठा और उत्तरदायित्व में निहित है। उन्होंने सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दी।

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