भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बड़ा फैसला सुनाया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की कि रेपो रेट को फिलहाल 5.5% पर स्थिर रखा गया है। इसका मतलब है कि आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI में अभी कोई बदलाव नहीं होगा।

क्यों नहीं बढ़ाया या घटाया गया रेपो रेट?
MPC के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। RBI ने महंगाई की बढ़ती चिंता को देखते हुए ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की है। गवर्नर ने बताया कि कोर इन्फ्लेशन यानी जरूरी वस्तुओं की महंगाई 4.4% तक बढ़ चुकी है, जिसमें सोने की कीमतों में तेजी भी शामिल है। इसलिए RBI ने फिलहाल ‘न्यूट्रल’ रुख अपनाया है, यानी वे अभी इंतजार और स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

RBI की मौजूदा नीति का मतलब क्या है?
इस फैसले का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। जिन लोगों के ऊपर लोन की EMI होती है, उनके लिए यह राहत की बात है क्योंकि EMIs न तो बढ़ेंगी और न घटेंगी। हालांकि, सस्ते कर्ज की उम्मीद अभी और देर से पूरी हो सकती है।

आर्थिक विकास पर RBI का भरोसा कायम
RBI ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान इस वित्त वर्ष के लिए 6.5% ही रखा है। इसके अलावा, तिमाही आधार पर भी GDP वृद्धि की उम्मीदें लगभग स्थिर हैं:
Q1 (अप्रैल-जून): 6.5%
Q2 (जुलाई-सितंबर): 6.7%
Q3 (अक्टूबर-दिसंबर): 6.6%
Q4 (जनवरी-मार्च): 6.3%

देश का व्यापार घाटा और सतर्कता
गवर्नर ने यह भी बताया कि जून तिमाही में देश का व्यापार घाटा बढ़ा है। इसका मतलब है कि देश से निर्यात की तुलना में आयात ज्यादा हुआ है। यही वजह है कि RBI अभी पूरी सावधानी के साथ आर्थिक फैसले ले रहा है।

पिछली राहत और अब की स्थिति
इस साल की शुरुआत में RBI ने ब्याज दरों में कटौती की थी, जैसे अप्रैल में 0.25% और जून में 0.50% की कटौती। लेकिन बढ़ती महंगाई के चलते अब ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया गया है।

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