राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) ने रविवार को मथुरा के कोसीकलां में आयोजित अपने राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की घोषणा करते हुए चौधरी जयंत सिंह को दोबारा अध्यक्ष घोषित किया। अधिवेशन में देशभर से आए दो हजार से अधिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। पार्टी की चुनाव प्रक्रिया के तहत केंद्रीय संगठन महासचिव त्रिलोक त्यागी ने अध्यक्ष पद के लिए जयंत सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे राष्ट्रीय महासचिव मुनशीराम पाल सहित सभी प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया।घोषणा मथुरा में आयोजित इस बड़े अधिवेशन के मुख्य सत्र में की गई, जहाँ आरएलडी ने आगामी तीन वर्षों के लिए अपने शीर्ष नेतृत्व और संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया पूरी की।

पार्टी द्वारा स्पष्ट किया गया कि यह अधिवेशन सिर्फ अध्यक्ष की घोषणा तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें सदस्यता अभियान, बूथ-स्तर तक संगठन को मजबूत करने, किसान-युवा केंद्रित कार्यक्रमों की रूपरेखा और अगले लोकसभा व विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई।इस दौरान जयंत सिंह के कार्यकाल को लेकर प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में नई ऊर्जा और संगठनात्मक सक्रियता दिखाई है। मथुरा में अधिवेशन आयोजित किए जाने को भी पश्चिमी यूपी में पार्टी के सामाजिक आधार और राजनीतिक प्रभाव से जोड़कर देखा गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अध्यक्ष पद पर जयंत सिंह की पुनर्नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि पार्टी आगामी चुनावों को लेकर पूरी तरह एकजुट है और संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह वर्तमान में केंद्रीय मंत्री भी है |

अध्यक्ष घोषित किए जाने के बाद जयंत सिंह ने प्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी किसान, नौजवान, सामाजिक न्याय और संगठन विस्तार पर केंद्रित कार्ययोजना को गति देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर जनता से संवाद बढ़ाएं और पार्टी की नीतियों को जमीन पर उतारें।
