up-accident-dumper-mirzapur

झारखंड की राजधानी रांची का रिंग रोड इन दिनों सड़क हादसों के लिए कुख्यात होता जा रहा है। आए दिन यहां एक्सीडेंट की खबरें सामने आती रहती हैं। वजह साफ है—न तो स्पीड लिमिट का पालन, न सीसीटीवी कैमरे, और न ही ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी। ऐसे में रिंग रोड पर लापरवाही से वाहन चलाना आम बात हो गई है, जिसका खामियाजा बेकसूर लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

हादसों के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिखता
रांची रिंग रोड के 4 से 5 किलोमीटर के लंबे हिस्से में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही कहीं स्पीड लिमिट का कोई बोर्ड नजर आता है। इसका नतीजा यह है कि लोग मनचाही रफ्तार में वाहन चलाते हैं। खासतौर पर बाइक सवार बिना हेलमेट, गलत दिशा में और 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भरते दिख जाते हैं। रिंग रोड के किनारे दुकान चलाने वाले संदीप बताते हैं कि यहां अक्सर युवा लड़के तेज रफ्तार में बाइक चलाते हैं। कई बार इसी लापरवाही की वजह से निर्दोष लोगों का एक्सीडेंट हो जाता है। उनका कहना है कि हादसों के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिखता।

ये हैं सड़क हादसों की मुख्य वजहें
रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट और रोड सेफ्टी ऑफिस के आंकड़े हालात की गंभीरता बयां करते हैं। जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच रांची में कुल 791 सड़क हादसे हुए। इनमें 527 लोगों की मौत हो गई, जबकि 413 लोग घायल हुए। घायलों में कई ऐसे हैं जो जिंदगी भर के लिए अपाहिज हो गए। झारखंड पुलिस के एडीजी अभियान की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा को लेकर एक अहम बैठक भी हुई थी। बैठक में यह बात सामने आई कि सड़क हादसों की मुख्य वजहें तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट व सीट बेल्ट न पहनना हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण तेज गति से वाहन चलाना माना गया। रिंग रोड पर खासतौर पर बाइक सवार इस तरह गाड़ी चलाते हैं जैसे उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई है ही नहीं। दूर-दूर तक न ट्रैफिक पुलिस दिखती है, न चालान का डर और न ही निगरानी के लिए कैमरे। ऐसे में लापरवाह चालकों का हौसला और बढ़ जाता है।

सुबह-सुबह स्टंट और रील का खतरनाक शौक
सुबह के समय रिंग रोड पर युवाओं द्वारा बाइक से स्टंट करना आम बात हो गई है। सड़क के बीचों बीच खतरनाक करतब दिखाए जाते हैं और उनकी रील बनाई जाती है। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले अन्य लोग भी घबरा जाते हैं, जिससे कई बार वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं और हादसे हो जाते हैं। इन हादसों में कई बार बेकसूर लोगों की जान चली जाती है। हैरानी की बात यह है कि इतनी घटनाओं के बावजूद अब तक रिंग रोड पर न सख्त निगरानी शुरू हुई है और न ही कोई ठोस कार्रवाई होती दिख रही है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights