मध्य जिले के डीसीपी निधिन वालसन के अनुसार, 13 अगस्त को राजेन्द्र नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता, जो जिम संचालक हैं, ने आरोप लगाया था कि 5 अगस्त को जिम में आने वाले विकाश सोलंकी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद 11 अगस्त को विकाश सोलंकी अपने साथियों—विक्रम, सरोज, पंकज, राहुल चौधरी, संजय चौधरी आदि के साथ जिम में घुस आया। सभी हथियारों से लैस थे और शिकायतकर्ता पर हमला कर दिया। साथ ही सबूत मिटाने के लिए जिम का डीवीआर भी ले गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक टीम का गठन किया। तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपित की लोकेशन का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपित पहले बेंगलुरु भागा और फिर पुडुचेरी में छिप गया। इस बीच पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पुडुचेरी के होटल विला कैवी, सेंट मार्टिन में दबिश दी और आरोपित को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपित ने अपना अपराध कबूल किया और बताया कि वह जिम हमले का मुख्य आरोपित है। उसने डर और दहशत फैलाने के लिए सदर बाजार से पिस्टल जैसी दिखने वाली एयर गन खरीदी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद कर लिया। जांच में पता चला है कि आरोपित इससे पहले भी कई संगीन मामलों में शामिल रहा है। जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं। उसके खिलाफ पटेल नगर और रंजीत नगर थानों में 2006 से 2022 के बीच पांच मामले दर्ज हैं।
