रेलवे ने शनिवार को बताया कि ऐसे 20 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की गई है, जो पुराने या झूठे वीडियो प्रसारित कर रहे थे। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
रेलवे ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी वीडियो या सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल रेलवे के आधिकारिक नोटिफिकेशन और एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम तथा यूट्यूब जैसे आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही भरोसा करें। रेलवे ने साफ किया है कि गलत सूचना फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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