मुज़फ्फरनगर। जिला गंगा समिति द्वारा डीएवी पीजी कॉलेज परिसर में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित निशुल्क कोचिंग सेंटर में “भारत की जीवन रेखा गंगा” विषय पर एक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और जल-जैव विविधता के महत्व के प्रति युवाओं में जागरूकता पैदा करना था।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सफल प्रतिभागियों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया, जिससे छात्र-छात्राओं में उत्साह और बढ़ा।कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजीव कुमार ने शिक्षार्थियों को नमामि गंगे अभियान के तहत चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुज़फ्फरनगर से होकर बहने वाली प्रमुख नदियाँ—गंगा, सोलानी/बाण गंगा, काली नदी और हिंडन नदी-के संरक्षण के लिए किस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके अलावा डॉ. राजीव ने जलीय जीव-जंतुओं, नदी प्रदूषण के दुष्प्रभाव और स्वच्छता अभियान के महत्व के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ. राजीव कुमार और जिला परियोजना अधिकारी हर्ष कुमार ने किया। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के निशुल्क कोचिंग सेंटर के जिला समन्वयक उपेन्द्र पांडेय ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।इस अवसर पर छात्रों ने नदियों और जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व को समझते हुए कई प्रश्नों के उत्तर दिए। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें गंगा एवं अन्य नदियों की सफाई, संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना भी था।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं ने अपने विचार साझा किए और नदियों के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रतिज्ञा ली। इस पहल से यह संदेश गया कि युवाओं में पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के महत्व के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है।
