पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबजा शरीफ और ऑपरेशन सिंदुर में हिंद की सेना से पिटकर दुम दबाकर भागने वाले फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ गलबहियां करते प्रेसिडेंट ट्रंप की तस्वीर इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि अमेरिका अब भारत का ट्रेडिंग पार्टनर नहीं बल्कि सबसे बड़ा कॉम्पटीटर बन चुका है। अमेरिका अब भारत से डरता है। डोनाल्ड ट्रंप ये मानकर चल रहे थे कि जिस तरह से पाकिस्तान उनके सामने खड़ा है, वैसे ही भारत भी खड़ा होगा। लेकिन अपने काम में व्यस्त पीएम मोदी तो डोनाल्ड ट्रंप का फोन तक नहीं उठाते। ऐसे में पीएम मोदी को चिढ़ाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप अपने साथ इन दोनों को खड़ा कर रहे हैं। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप अब सिर्फ पीएम मोदी को ही नहीं बल्कि पुतिन को भी सरेआम कोस रहे हैं। 

ट्रंप ने अचानक जेलेंस्की की तारीफ भी शुरू कर दी है। लेकिन जिस वक्त ट्रंप पुतिन को लेकर अनाप शनाप बोल रहे थे और शहबाज-मुनीर को गले लगा रहे थे। ठीक उसी वक्त पीएम मोदी ने पूरा खेल पलट दिया। पीएम मोदी ने रूस और रूसी हथियारों पर बहुत बड़ा ऐलान कर दिया। रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री पत्रुशेव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कृषि, खाद, खाद्य प्रसंस्करण और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। इसके बाद पीएम मोदी ने बयान दिया कि रूस हमारा एक टाइम टेस्टेड पार्टनर है। पीएम मोदी ने ये बयान यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान दिया। जहां पहले पीएम मोदी ने अमेरिकी टैरिफ का जवाब देते हुए कहा कि विकास के लिए आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। इसके बाद पीएम मोदी ने बताया कि हम रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन रहे हैं। 

दरअसल, पुतिन भी डोनाल्ड ट्रंप को दो पैसे का भाव नहीं देते। इसी से खीजते हुए  ट्रंप ने कहा है कि मैं पुतिन से नाराज हूं। पुतिन मेरे सामने एक कागजी शेर हैं। मैं पुतिन को हरा दूंगा। ट्रंप का कहना है कि रूस तभी हारेगा जब हम भारत को सजा देंगे। क्योंकि रूस और भारत दोस्त हैं। इतना बोलने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि 1 अक्टूबर से हम ब्रांडेड या पेटेंट दवाईयों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। सिवाएं उन कंपनियों के जो अमेरिका में अपने दवा बनाने वाले प्लांट लगा रहे हैं। ये धमकी खासतौर पर भारत के लिए हैं क्योंकि भारत अमेरिका को 30 प्रतिशत दवाईयां एक्सपोर्ट करता है। एक अंदाजे के मुताबिक डॉक्टर अमेरिका में पुर्जे में जो दवाईयां लिखते हैं उनमें से हर 10 में से 4 दवाईयां लगभग भारतीय कंपनियों की बनाई हुई होती हैं। 

पुतिन को कोसने और भारत पर टैरिफ लगाने से भी डोनाल्ड ट्रंप का मन नहीं भरा तो उन्होंने जानबूझकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को अपने गले लगा लिया। पीएम मोदी का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि एक तरफ जहां पाकिस्तान अमेरिका से हथियारों की भीख मांगने गया है उसी वक्त भारत हथियारों के मामले में भी आत्मनिर्भर बन रहा है। पीएम मोदी ने कहा भी है कि हमारा मकसद है कि हथियारों के पुर्जे पुर्जे पर मेड इन इंडिया की छाप हो और इस मिशन में रूस हमारी मदद कर रहा है। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights