केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की तथा राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

टेलीफोन पर बातचीत के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को मौजूदा स्थिति तथा प्रभावित लोगों के बचाव एवं राहत के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि शाह ने बाढ़ से निपटने के लिए दोनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

लगातार बारिश के कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य सरकार ने रविवार को स्कूलों को बंद रखने की अवधि तीन सितंबर तक बढ़ा दी।

अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में अगस्त में 253.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक है और राज्य में 25 वर्षों में सबसे अधिक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में मान ने कहा कि पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ आपदा से जूझ रहा है, जिससे लगभग 1,000 गांव और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।

पंजाब में बाढ़: सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय तीन सितंबर तक बंद रहेंगे
पंजाब सरकार ने राज्य भर में लगातार बारिश के मद्देनजर सभी कॉलेज, विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को तीन सितंबर तक बंद करने की सोमवार को घोषणा की।

राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पिछली रात से पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक संस्थान तीन सितंबर 2025 तक तत्काल प्रभाव से बंद रहेंगे।’’

बैंस ने कहा, ‘‘छात्रावासों में रह रहे छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की है। सभी से अनुरोध है कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।’’

राज्य सरकार ने राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी विद्यालयों को बंद रखने की अवधि तीन सितंबर तक बढ़ा दी थी।

इससे पहले, सरकार ने सभी स्कूल में 27 से 30 अगस्त तक छुट्टियां घोषित कर दी थीं।

पंजाब के कई जिलों में रविवार रात से बारिश हो रही है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सतलुज, व्यास एवं रावी नदियों एवं मौसमी छोटी नदियों के उफान पर होने की वजह में पंजाब में बाढ़ आ गई है।

बाढ़ से गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों के गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ा, पटियाला प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

पंजाब में भंखरपुर इलाके के पास घग्गर नदी का जलस्तर सोमवार को बढ़ गया, जिसके मद्देनज़र ज़िला प्रशासन ने कई गांवों के लिए चेतावनी जारी की है।

अधिकारियों ने बताया कि राजपुरा उप-मंडल की घनौर और सनौर विधानसभा क्षेत्रों में नदी के किनारे बसे गांवों के निवासियों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी गई है।

राजपुरा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अविकेश गुप्ता ने ऊंटसर, नन्हेड़ी, संजारपुर, लछरु, कमलपुर, रामपुर, सौंता, मारू और चमरू गांवों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

इसी तरह, भस्मरा, जलालखेड़ी, राजूखेड़ी, हडाना, पूर, धरमेरी, उल्टपुर और सिरकपरा गांवों के निवासियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।

लगातार बारिश को देखते हुए पटियाला की उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव ने कहा कि स्थानीय नाले, तालाब, घग्गर, गंगरी, मार्कंडा तथा अन्य नदियां उफान पर हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अस्थायी सड़कों, विशेषकर जल स्रोतों के पास स्थित रास्तों का उपयोग न करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

उन्होंने आम जनता से यह भी अनुरोध किया कि लोग पुलों या उफनती जलधाराओं के पास तस्वीरें लेने या घूमने के लिए एकत्र न हों और पशुओं को भी नदी किनारे न ले जाएं।

यादव ने बताया कि आगामी तीन दिन के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान ज़िला प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है और समय-समय पर चेतावनियां जारी की जा रही हैं।उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीमें ज़िले भर में नदी तटों और संवेदनशील गांवों में तैनात हैं। घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना आवश्यक है।’’

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