डीसीपी महला के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारी सी-हेक्सागन के अंदर इकट्ठा हुए और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़कर सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें कई बार हटने का अनुरोध किया, क्योंकि उनके पीछे कई एंबुलेंस और मेडिकल टीमें फंसी थीं, जिन्हें आपातकालीन रास्ते की जरूरत थी। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और बैरिकेड तोड़कर सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। अधिकारी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने उन्हें हटाना शुरू किया। इसी दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और प्रतिरोध किया। झड़प के दौरान मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल किया गया, जिससे तीन से चार पुलिसकर्मियों की आंखों में गंभीर जलन हुई।
वहीं खूंखार नक्सली हिडमा के के लिए नारेबाजी करने लगे। डीसीपी महला ने कहा कि पुलिस कर्मियों पर इस तरह के हमले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और मामले में उचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में बाधा उत्पन्न करना और पुलिस पर हमला करना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
