वाराणसी,11 नवम्बर । उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के दंत संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के सीनियर प्रोफेसर डॉ. टी० पी० चतुर्वेदी को
इंडियन डेंटल एसोसियेशन ने राष्ट्रीय चरक क्लीनिकल उत्कृष्टता पुरस्कार दिया है। यह पुरस्कार दन्त चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध पर डॉ चतुर्वेदी को मिला है। बीएचयू के
जनसम्पर्क कार्यालय ने यह जानकारी दी। बताया गया कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार हर साल दन्त चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध, शिक्षा और उपचार का कार्य करने के लिए देशभर के कुछ चुने हुए दंत चिकित्सकों को इंडियन डेंटल एसोसिएशन देती है। यह पुरस्कार प्रोफेसर चर्तुवेदी को बीते 8 नवंबर 2025 को मुंबई में जिओ कन्वेंशन सेंटर में एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ अशोक ढोबले, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शुभ्रा नंदी और चिली देश के राजदूत गोस्तावो गोंजालेज ने संयुक्त रूप से प्रदान किया। बताया गया कि प्रो. चतुर्वेदी को अब तक कुल 135 से ज्यादा शोध पत्र, तीन किताबे, व कई किताब के अध्याय प्रकाशित किया गया है। इसमें से ज्यादा शोध का उपयोग अमेरिकन जर्नल और यूरोपियन जर्नल ने लगभग अबतक 2250 से ज्यादा बार उद्धृत कर चुके हैं। आर्थोडॉन्टिक मैटेरियल के लिए 2022 और 2023 में आईआईटी बीएचयू के सहयोग से चर्तुवेदी को पैटेंट प्रदान किया गया है। प्रोफेसर चर्तुवेदी संकाय प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष वर्ष 2011 से 2014 के बीच रहे है। डॉक्टर चतुर्वेदी ने चिकित्सा विज्ञान संस्थान में दंत संकाय का भवन के साथ- साथ स्नातक, डिप्लोमा एवं कई परास्नातक पाठ्यक्रम इस संकाय में शुरू करवाने में अपना योगदान दिया है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में ज्वाइन करने के पहले डॉक्टर चतुर्वेदी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी विभागाध्यक्ष, डेंटल रह चुके है। एएमयू के डेंटल कॉलेज शुरू करने में अहम योगदान है।
