राष्ट्रपति ने कहा कि कल, जब हम अपने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देंगे, तब हम उन स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि देंगे, जिनके प्रयासों से 78 वर्ष पहले हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि भारत ने स्वतंत्रता के तुरंत बाद सभी नागरिकों को समान मताधिकार देकर लोकतंत्र को अपनाया, जो उस समय विश्व की कई लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में भी नहीं था। भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे लिए हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र सर्वोपरि है। संविधान में निहित मूल्यों- न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता ने देश को मजबूत नींव दी है।
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