नई दिल्ली।दिल्ली–एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों को लेकर आज से लागू किए गए नए नियमों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक रूप भी ले चुका है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आज लोकसभा में प्रदूषण पर विशेष चर्चा प्रस्तावित है, जिस पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में प्रदूषण पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा करेंगी। वहीं डीएमके सांसद कनिमोझी करूणानिधि और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने इस विषय पर नियम 193 के तहत नोटिस दिया है।
चर्चा का जवाब केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव शाम करीब पांच बजे देंगे।गुरुवार सुबह दिल्ली सहित आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में ठंड के साथ घना स्मॉग छाया रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंचने से हालात ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए। खराब हवा ने आम लोगों के साथ-साथ राजधानी में मौजूद सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को भी प्रदूषण के बढ़ते खतरे का एहसास कराया है, क्योंकि संसद सत्र के चलते अधिकांश जनप्रतिनिधि इन दिनों दिल्ली में ही ठहरे हुए हैं।लोकसभा में होने वाली चर्चा के दौरान विपक्ष के प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं, सांस और फेफड़ों की बीमारियों में बढ़ोतरी तथा आम जनजीवन पर पड़ रहे असर को प्रमुखता से उठाने की संभावना है।
माना जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से ठोस और त्वरित उपायों की मांग करेगा।कुल मिलाकर, दिल्ली–एनसीआर में बिगड़ती हवा के बीच आज लोकसभा में होने वाली यह बहस न सिर्फ राजनीतिक, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है।
