यह विरोध प्रदर्शन जिला कांग्रेस अध्यक्ष चिराग सिंह फर्त्याल के नेतृत्व में हुआ। कार्यकर्ताओं ने सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। फर्त्याल ने कहा कि उपनल कर्मियों की सेवाएं प्रदेश के स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
फर्त्याल ने आगे कहा कि सरकार उनकी जायज़ मांगों की अनदेखी कर दमनकारी कदम उठा रही है। उन्होंने एस्मा जैसे कड़े कानून का सहारा लेकर कर्मचारियों की आवाज़ दबाने को अलोकतांत्रिक बताया।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी। उनका कहना था कि न्यूनतम सुविधाओं में काम करने वाले हजारों उपनल कर्मियों ने वर्षों तक व्यवस्था को सुचारू रखने में अहम भूमिका निभाई है, और ऐसे कर्मचारियों पर कठोर नीति लागू करना अनुचित है।
विरोध कार्यक्रम में प्रियांशु बोहरा, हिमांशु मेहता, त्रिभुवन चम्याल, मुकेश जोशी, रमेश राम, नंद किशोर, मनोज मेहता, दीपक चंद्र, नरेंद्र, नाथ सिंह, गंगा सिंह, मुरली मनोहर, कैलाश चंद्र, योगेश कुमार, प्रमोद बड़ेला, पवन और अनिल बोहरा सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
