कानपुर के चकेरी थाने की पुलिस ने गुरुवार रात एक महत्वपूर्ण मुठभेड़ में शातिर लुटेरे अमन कटियार उर्फ अमन सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस दौरान अमन के पैर में गोली मारकर उसे धरदबोचा, जबकि उसका एक साथी मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस को लंबे समय से अमन की तलाश थी, और उसकी लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उसे घेराबंदी में ले लिया। जब पुलिस ने उसे चारों ओर से घेर लिया, तो अमन ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिससे अमन का दायां पैर घायल हो गया और उसे पकड़ने में सफलता मिली। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल, पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए हैं।
डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि अमन कटियार मंगला विहार का निवासी है और वह लूट के मामलों में कई बार फरार रहा है। पुलिस और सर्विलांस टीम ने उसकी गतिविधियों के बारे में सूचना प्राप्त की थी, जिसके आधार पर भृगु मिश्र द्वारा योजना बनाई गई। घेराबंदी के दौरान, अमन के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, लेकिन वह भागने में सफल रहा। अमन को पकड़ने के बाद उसे प्राथमिक उपचार के लिए कांशीराम अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
अमन कटियार के खिलाफ कानपुर के विभिन्न थानों में लूट, हत्या के प्रयास, और बमबाजी जैसे गंभीर आरोप पहले से ही दर्ज हैं। डीसीपी ने जानकारी साझा की कि अमन ने वर्ष 2024 में काजीखेड़ा क्षेत्र में अपने साथी के साथ मिलकर एक युवक पर बुरी तरह हमला किया था, जिसमें युवक के हाथ की एक अंगुली कट गई थी। यह मामला अमन की आपराधिक गतिविधियों का एक उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि वह किस प्रकार के अपराधों में लिप्त था।
पुलिस ने अमन के साथी की तलाश जारी रखी है और आरोपित के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमन लुटेरों के एक प्रतिष्ठित गैंग का सरगना है, जिसमें उसके अन्य साथी अंकित तुत्तल और विश्वजीत सिंह उर्फ बीडी शामिल हैं। विश्वजीत को भी पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था, जबकि अंकित तुत्तल कई मामलों में मुख्य आरोपित है।
अभी पुलिस की प्राथमिकता है कि भागे हुए साथी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाए ताकि उससे और भी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि अमन कटियार को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता से अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, और उनकी गिरफ्तारी अपराध के खिलाफ एक सकारात्मक कदम है।