इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री का अन्य मित्र राष्ट्रों के नेताओं के साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री हान झेंग से मुलाकात होने का कार्यक्रम है। उन्होंने संसद को बताया कि उनकी साइडलाइन मुलाकात रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, मालदीव्स के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के आलावा वियतनाम, लाओ और कंबोडिया के प्रधानमंत्री से भी तय हुआ है। ओली ने कहा कि वह 1 सितंबर को एससीओ के उद्घाटन में भाग लेंगे और अंतिम दिन 3 सितंबर को जापान के खिलाफ वैश्विक युद्ध में चीन की जीत की याद में चीनी सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में कम से कम 50 देशों के प्रतिनिधियों की मेजबानी होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिनिधिमंडल नेपाल के राष्ट्रीय हित और अंतरराष्ट्रीय स्थिति को बढ़ाने के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रतिनिधिमंडल इस तरह से कार्य करेगा जिससे नेपाल की छवि में सुधार होगा।
