प्रधानमंत्री ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए पूरे अभियान पर प्रकाश डाला और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें उन्होंने बार-बार कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रूकवाया था।

श्री मोदी ने पूरे अभियान का जवाब देते हुए कहा, “भारत ने 6 मई की रात को जैसा तय किया था, वैसी कार्रवाई की और पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया। 22 मिनट में, 22 अप्रैल का बदला निर्धारित लक्ष्य के साथ हमारी सेना ने ले लिया। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की आत्मनिर्भर ताकत को पहचाना।

‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन और मिसाइलों ने पाकिस्तान के हथियारों की पोल खोलकर रख दी।

आतंक की घटनाएं पहले भी देश में होती थीं, लेकिन तब आतंकियों के मास्टरमाइंड निश्चिंत रहते थे और आगे की तैयारी में लगे होते थे… क्योंकि उन्हें पता था, कुछ नहीं होगा।

लेकिन अब मास्टरमाइंड को नींद नहीं आती। उन्हें पता है कि अब भारत आएगा… और मारकर जाएगा। यह न्यू नॉर्मल भारत ने सेट कर दिया है।”

अपने बयान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की रात (9-10 जुलाई) को अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने की कोशिश की, लेकिन मैं उस समय सैन्य अधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा में व्यस्त था। बाद में फोन पर बात हुई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बड़ा हमला करने वाला है। मैंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान को यह बहुत महंगा पड़ेगा। अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो हम बड़ा हमला कर जवाब देंगे। आगे मैंने कहा था, ”हम गोली का जवाब गोले से देंंगे’।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को उसी रात तहस-नहस कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के लिए सबक था। “पाकिस्तान को हमारे जवाब का अर्थ भली-भांति समझ में आ गया है। भारत का हर जवाब पहले से ज्यादा सशक्त होता है। यदि नौबत आई तो भारत आगे कुछ भी कर सकता है।”

उन्होंने कहा, “हमने सिंदूर से लेकर सिंधु तक, पाकिस्तान पर कार्रवाई की है।

यहां पर विदेश नीति को लेकर भी काफी बातें कही गईं। दुनिया के समर्थन को लेकर भी काफी बातें कही गईं।

दुनिया में किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से रोका नहीं है।

193 देशों में से सिर्फ 3 देश ने पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया था। क्वाड हो या ब्रिक्स हो… दुनियाभर से भारत को समर्थन मिला। दुनिया के देशों का समर्थन मिला, लेकिन ये दुर्भाग्य है कि मेरे देश के वीरों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला।”

श्री मोदी ने कहा, “22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद 3—4 दिन में ही ये उछल रहे थे और कहना शुरू किया कि कहां गई 56 इंच की छाती, मोदी तो खो गया… ये मजा ले रहे थे।

पहलगाम के निर्दोष लोगों की हत्या में भी वो अपनी राजनीति तरास रहे थे।

10 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की, इसे लेकर यहां भांति-भांति की बातें की गईं।

ये वहीं प्रोपेगेंडा है जो सीमा पार से यहां फैलाया गया है। कुछ लोग सेना द्वारा दिए गए तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठे प्रचार को आगे बढ़ाने में जुटे हुए थे, जबकि भारत का रूख हमेशा स्पष्ट रहा था।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा।”

श्री मोदी ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की ओर लगातार बढ़ रहा है, जबकि दुर्भाग्य से कांग्रेस राजनीतिक बयानों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर है।

दुर्भाग्य से, ऐसा लगता है कि अब उनके मुद्दे भी सीमा पार से ‘आयात’ करने पड़ रहे हैं!

By editor

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