प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी बदलने के प्रयास राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा हैं। इससे न केवल स्थानीय लोगों के अवसर छीने जा रहे हैं, बल्कि समाज में तनाव भी पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश ऐसे प्रयासों को सहन नहीं करेगा और अपने सीमावर्ती इलाकों की जनसांख्यिकीय सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।
उन्होंने स्मरण कराया कि भारत ने त्याग और बलिदान से आजादी पाई है, इसलिए महापुरुषों के प्रति कर्तव्य है कि हम किसी भी तरह के जनसांख्यिकीय असंतुलन को स्वीकार न करें।
