प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के हाथों 28 अगस्त, 2014 को शुरू की गई पीएमजेडीवाई योजना ने देशभर में बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच का विस्तार किया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक आंकड़ों के जरिये बताया कि लगभग 67 फीसदी खाते ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं, जबकि 56 फीसदी महिलाओं के नाम हैं। इस पहल से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल होने में मदद मिली है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पीएमजेडीवाई योजना के तहत 38 करोड़ से ज्‍यादा निःशुल्क रुपे कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिला है।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पीएमजेडीवाई को वैश्विक स्तर पर सबसे व्यापक वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों में से एक बताया। उन्‍होंने कहा कि जन-धन योजना सम्मान, सशक्तिकरण और अवसर का प्रतीक है। चौधरी ने कहा क‍ि प्रधानमंत्री जन-धन योजना न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में सबसे सफल वित्तीय समावेशन पहलों में से एक है। सब्सिडी वितरण के लिए एक सकारात्‍मक परिवर्तन व्‍यवस्‍था, प्रधानमंत्री जन-धन योजना के मूल में जन-धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) तीन योजनाएं हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान विभिन्न प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं के अंतर्गत बैंक खातों में 6.9 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।

पीएमजेडीवाई खातों की विशेषताएं

पूरी तरह से केवाईसी अनुपालन वाले पीएमजेडीवाई खातों में शेष राशि या लेन-देन की राशि की कोई सीमा नहीं है। यह एक बीएसबीडी खाता है। पीएमजेडीवाई खाताधारकों को बैंक शाखा के साथ-साथ एटीएम/सीडीएम में नकदी जमा करने, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से या केंद्र/राज्य सरकार की एजेंसियों और विभागों के चेक से धन प्राप्ति/जमा करने की निःशुल्क सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा योजना के तहत एक महीने में जमा की जाने वाली राशि और राशि की कोई सीमा नहीं है। एक महीने में कम से कम चार बार नि:शुल्‍क निकासी की अनुमति है, जिसमें मेट्रो एटीएम सहित किसी भी एटीएम से निकासी शामिल है। इसके बाद की निकासी पर बैंक शुल्क ले सकते हैं। 2 लाख रुपये के अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवरेज के साथ नि:शुल्‍क रुपे डेबिट कार्ड दिया जाता है।

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