प्रधानमंत्री ने इसके लिए आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि हाल ही में कर्तव्य पथ पर केंद्रीय सचिवालय ‘कर्तव्य भवन’ का लोकार्पण हुआ था और अब सांसदों के लिए यह नया आवास परिसर तैयार हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि टॉवर के नाम नदियों के नाम रखने की परंपरा देश की एकता को मजबूत करती है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि नए आवास पुराने सांसद भवनों की जर्जर स्थिति से मुक्ति देंगे। पहले सांसदों को बार-बार आवास संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब वे इन समस्याओं से मुक्त होकर जनता की समस्याओं के समाधान में अधिक समय और ऊर्जा लगा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि पहली बार सांसद बनने वालों को दिल्ली में आवास आवंटन में आने वाली कठिनाइयों को भी यह परियोजना दूर करेगी। इन बहुमंजिला इमारतों में 180 से अधिक सांसद एक साथ रह सकेंगे। प्रधानमंत्री ने बताया कि पहले कई मंत्रालय किराए की इमारतों में चलते थे, जिन पर हर साल करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च होते थे। सांसद आवास की कमी भी सरकारी खर्च बढ़ाती थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 तक लोकसभा सांसदों के लिए एक भी नया आवास नहीं बना था, जबकि 2014 के बाद इसे मिशन मोड में लिया गया। अब तक इन फ्लैटों समेत लगभग 350 सांसद आवास बनाए जा चुके हैं, जिससे जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने इस निर्माण में जुड़े इंजीनियरों और श्रमिकों की मेहनत की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इन आवासों में सतत विकास के मानकों का पालन किया गया है और यह परिसर स्वच्छता व एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री ने सांसदों से परिसर में स्वच्छता प्रतियोगिता और विभिन्न राज्यों के त्योहारों के सामूहिक आयोजन की अपील की।

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